सही शिक्षा क्या है?
शिक्षा मानव जीवन के लिए बहुत ही आवश्यक है। आज जो मनुष्य का विकास दिखाई दे रहा है
आदिकाल से ही मानव सीखता आ रहा है स्वतंत्रता से पूर्व हमारे देश भारत में शिक्षा के साधन सीमित थे और शिक्षा ग्रहण करना बहुत कठिन था स्वतंत्रता के पश्चात शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति हुई साधनों में वृद्धि हुई और जनसाधारण के लिए शिक्षा का अध्ययन करना सुगम हो गया राष्ट्रीय शिक्षा नीति में आज भी कोई परिवर्तन दिखाई नहीं देता राष्ट्रीय शिक्षा नीति में परिवर्तन होना अति आवश्यक है हमारी सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति2001 मैं परिवर्तन की बात करते हैं किंतु वास्तविकता यह है कि शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन का प्रयास नहीं किया जा रहा है वर्तमान शिक्षा प्रणाली में दोष निकाले जा रहे हैं किंतु उन्हें दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने के प्रयास नहीं किये जा रहे हैं उदाहरण के लिए शिक्षा के साथ आध्यात्मिकता को जोड़ना बहुत जरूरी है क्योंकि मानव आध्यात्मिक ज्ञान ना होने के कारण वह शिक्षा इसीलिए ग्रहण करते हैं कि किसी भी भविष्य में अच्छी डिग्री प्राप्त करके डॉक्टर इंजीनियर और भी कई बड़ी-बड़ी पोस्ट पर नौकरी हासिल करके बड़े-बड़े मकान बनाना गाड़ी घोड़ा वह आदि ऐसो आराम के साज - बाज से अपने जीवन को बर्बाद कर देना होता है।
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| Importance of Education |
पूर्ण संत रामपाल जी महाराज जी के पास ही है वही एक आध्यात्मिक शिक्षक हैं जो भारत ही नहीं पूरे विश्व को आध्यात्मिक शिक्षा देकर एक नेक इंसान बनाना चाहते हैं जो कभी कोई बुराई ना करें रिश्वत ना ले चोरी जारी से बिल्कुल दूर रहे वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेकर लाखों अनुयायियों ने समाज में व्याप्त अनेकों बुराइयों को जैसे शराब पीना कई प्रकार के नशे करना चोरी करना रिश्वत लेना दहेज लेना आदि आदि सभी बुराइयों को जड़ से खत्म कर दिया है इसलिए आज शिक्षा के साथ आध्यात्मिक शिक्षा का होना अति आवश्यक है संत रामपाल जी महाराज जी ने मानव कल्याण के लिए अनेको आध्यात्मिक पुस्तकें जैसे
ज्ञान गंगा, जीने की राह, परिभाषा प्रभु की, लिखी है जिसे पढ़कर मनुष्य अपने मूल उद्देश्य को जान सकता है और इस जन्म मरण के दीर्घ रोग से छुटकारा पा सकता है।
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| TrueGuru |



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