बुधवार, 20 मई 2020

मानवता का उत्थान।

                          मानवता का उत्थान
 मानव जीवन के उत्थान के लिए आज देश में अनेक सामाजिक संस्थाएं काम कर रही है। लेकिन इसके परिणाम की बात करें तो परिणाम शून्य ही मिलता है। आज भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, चोरी-जारी, लूट-कपट, दहेज, मृत्युभोज, जैसी बुराइयां समाज में जोर-शोर से फैल रही है। इनको रोकने में सभी संस्थाएं लगभग नाकाम सी रही है। इसी बीच वर्तमान में एक धार्मिक संस्था या यू क कहे एक धार्मिक संत जो समाज सुधार में बहुत ही सफल तरीके से आगे आए हैं।
उनके द्वारा 
विभाजित मानव को एक सूत्र में बांधने के लिए आध्यात्म ज्ञान के द्वारा प्रयत्न करना।
विवाह में दहेज लेना व देना बन्द कराना।
जीव हिंसा पाप है :- माँस न खाने तथा जीव हिंसा न करने के लिए मानव समाज को प्रेरित करना तथा जीव हिंसा के पाप से परिचित करना है।
चोरी, जूआ आदि अपराध करने से मानव को आध्यात्म ज्ञानके आधार से बचाना।
संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में अनेकों दहेज मुक्त सामूहिक विवाह हुए हैं।
जिसका उद्देश्य, 
कन्या भ्रूण हत्या का पूर्ण अंत करना।
दहेज रूपी राक्षस का अंत। 
समाज में शांति और भाईचारा स्थापित करना। 
तथा 
पूर्ण रूप से नशा मुक्त भारत
अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें मंगल प्रवचन साधना चैनल शाम 7:30 से 8:30 तक।

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