स्कूलों में शिक्षा का लचर स्तर भारत के लिए एक बड़ा खतरा
प्राथमिक शिक्षा की हालत बेहद ही खराब है। प्राथमिक शिक्षा के लिए देशभर में सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। लेकिन फिर भी प्राथमिक स्तर के शिक्षा की स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण कहा जा सकता है।
प्राथमिक शिक्षा की हालत बेहद ही खराब है। प्राथमिक शिक्षा के लिए देशभर में सरकार द्वारा अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। लेकिन फिर भी प्राथमिक स्तर के शिक्षा की स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण कहा जा सकता है।
विद्यालय में प्राथमिक शिक्षकों की भारी कमी
देश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है। अब कल्पना कीजिये कि जिस विद्यालय में शिक्षक ही नहीं हो वहां के बच्चों की स्थिति क्या होगी।
ताजा हालात से निकलने का एक ही तरीका है कि स्कूली शिक्षा व्यवस्था सुधारने पर और जोर दिया जाए. शिक्षकों की भर्ती के मानक कड़े हों और उनका भी समय-समय पर मूल्यांकन किया जाए. जिन स्कूलों का प्रदर्शन अच्छा हो उन्हें पुरस्कृत किया जाए तो वहीं खराब नतीजे देने वाले स्कूलों के लिए सजा का प्रावधान भी हो. जैसे कि सजा के तौर पर यहां के प्रबंधन में बदलाव किया जा सकता है।
एक और बदलाव शिक्षा में अगर करना है तो वह है छात्रों व शिक्षकों को आध्यात्मिकता की और जोड़ना..
जिससे समाज व देश को चोरी बलात्कार रिश्वतखोरी जैसी बुराइयों से बचाया जा सकता है। वर्तमान में आध्यात्मिक ज्ञान संत रामपाल जी महाराज ने सभी धर्म के धर्म शास्त्रों से उजागर किया है।
आध्यात्मिक ज्ञान की जानकारी के लिए कृपया अवश्य देखिए साधना चैनल शाम 7:30 से 8:30 तक।



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