गुरुवार, 4 जून 2020

कबीर परमेश्वर का प्रकट दिवस

      "कबीर साहेब का प्रकट दिवस"
सिर्फ कबीर जी का ही प्रकट दिवस क्यों ?
क्योंकि    ऋग्वेद के मंडल नंबर 9 सूक्त 1 मंत्र 9 में प्रमाण है कि वह कबीर  परमात्मा सतलोक से शिशु रूप धारण करके प्रकट होता है और कुंवारी गायों के दूध से उसकी परवरिश होती है ।
उसी ऋग्वेद  के मंडल नंबर 9 सूक्त 96 मंत्र 17 में भी वर्णन है कि पूर्ण परमात्मा कबीर जी जान बूझकर बालक रूप में प्रकट होते है।
इसलिए उनका प्रकट दिवस मनाया जाता है ।



चारों युगों में सिर्फ कबीर परमात्मा के प्रकट होने के ही प्रमाण हैं।
सतयुग में सत सुकृत नाम से,
त्रेता में मुनीन्द्र नाम से,
द्वापर में करुणामय नाम से,
और कलयुग में अपने असली नाम कबीर नाम से प्रकट होते हैं।
बाकी सभी देव मां के गर्भ से जन्म लेते हैं।

हिन्दू मुस्लिम के बीच में, मेरा नाम कबीर।
आत्म उद्धार कारणे, अविगत धरा शरीर।।
कबीर साहेब ने इस वाणी में कहा है कि लोगो का आत्म उद्धार करने के लिए परमात्मा इस पृथ्वी पर प्रकट होते हैं।

जानिए अद्भुत रहस्य !
"5 जून कबीर साहेब प्रकट दिवस" के उपलक्ष्य में ज़रूर देखें जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी का महा सत्संग साधना चैनल पर सुबह 09 बजे से दोपहर 12 बजे तक ।

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