शुक्रवार, 8 मई 2020

सतलोक चलना है।

 सतलोक ,,पृथ्वी लोक से 16 शंख  कोस की कुछ दूरी पर  स्थित है।
 सतलोक में सभी मनुष्यों के पास अपने घर हैं 
और सभी के पास पुष्पक विमान हैं। 
सतलोक में बाग-बगीचे हमेशा हरे भरे रहते हैं। 
सतलोक शास्वत स्थान है।हम सभी मनुष्य व जितने भी जीव जंतु हैं। 
पहले सतलोक में रहते थे वहाँ जन्म मरण नहीं होता है ।और हम कभी दुःखी नहीं होते और पूर्ण परमात्मा की भक्ति करते हैं।
सतलोक ऐसा अमर लोक है जहाँ एक हंस आत्मा के शरीर का तेज 16 सूर्यों के समान है लेकिन उसमें गर्मी नहीं है।

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